Paheli ankhon ki
paheli मेरी आँखों में आंसू है, ये आंसू कह नहीं सकते ! जो सुन लो फ़साना है, जो न समझो बहाना है !! हंसु में तब भी रोती हूँ, दुखी दिल तब भी रोती हूँ ! नहीं कमज़ोर दिल मेरा, मगर कुछ ज़्यादा ही कहता है !! जब्ब लब्ब चुप हो जाते है, आँखे हाले दिल सुनती हैं ! मेरी बातों में उलझन हो, तो आँखे पढ़ लिया करना !! ज़ुबान जो कह न पाये वो, वो आँखों से बताती हूँ! कभी जब उलटी होती हूँ, नहीं नज़रें मिलाती हूँ !! मेरी आँखों के समसनदार में, गोटे तुम लगा लेना ! हो दिल सच्चा अगर तेरा तो नज़ारे तुम मिला लेना ! मुझे समझना नहीं आसान, बस इतना समझ लो तुम ! मैं वो एक पहेली हूँ, जो तुम सुलझा नहीं सकते ! मेरी आँखे वो आईना है, जो पढ़ लो में समझ मैं आती हूँ !!
